
बाहरी प्रदूषण और खान पान की गड़बड़ियों के कारण आजकल चेहरे की त्वचा की समस्याएँ बेहद आम हो गयी हैं. इनमें डार्क स्पोट, मुहांसे, झुर्रियां, रूखी त्वचा और ऑइली त्वचा और पिगमेंटेशन कुछ ऐसी समस्याएँ हैं जिन्हें ठीक करने के लिए बेसन एक बढ़िया और एफेक्टिव घरेलू इलाज़ है. बेसन को सदियों से हमारी दादी नानी अपनी त्वचा की देखभाल के लिए इस्तेमाल करती रहीं हैं यहाँ तक की शादी विवाह के अवसर पर भी दुल्हन को कई दिन पहले से बेसन का उबटन लगाया जाता था.
ये भी पढ़े : नैचुरल तरीके से ईवन त्वचा पाने के लिए 5 सबसे अच्छे उपाय
इस पोस्ट में आपके साथ शेयर करेंगे स्किन केयर के लिए बेसन के इस्तेमाल का सही तरीका.
बेसन त्वचा पर होने वाली टैनिंग को कम करने में बेहद असरकारक है. इससे न केवल डार्क स्पोट (Dark spot) कम होते हैं बल्कि पिग्मेंटेशन Pigmentation में भी कमी आती है.
बेसन के नियमित प्रयोग से तैलीय त्वचा में सुधार आता है और अतिरिक्त सीबम के कारण होने वाले मुहांसे कम होने लगते हैं.
शुद्ध बेसन त्वचा के अतिरिक्त तेल को सोखता है जिससे चिपचिपी और ऑइली त्वचा (Oily skin) से छुटकारा मिलता है.
बेसन से बने हुए फेस मास्क के नियमित उपयोग से चेहरे के बारीक रोम धीरे धीरे निकल जाते हैं और चेहरा साफ होने लगता है.
बेसन को कुछ अन्य इंग्रिडिएंट्स के साथ मिलकर लगाने से रूखी त्वचा (Dry skin) की समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाया जा सकता है.
कैल्शियम और खनिज से भरपूर– बेसन के नियमित सेवन से हड्डियां मजबूत रहती हैं. इसमें मौजूद कैल्शियम, मैग्नीशियम जैसे तत्व हड्डियों को ताकत देते हैं और इन्हें उम्र के साथ कमजोर नहीं होने देते.
बेसन का एक बड़ा गुण यह है कि ये शरीर में फैट जमा होने से रोकता है और इस कारण वजन नहीं बढ़ता है. इसलिए वजन कम करने के लिए बेसन एक बढ़िया आहार है.
बेसन के अंदर फाइटोन्यूट्रिएंट्स नामक तत्व पाया जाता है जो कि सूजन घटाने का काम करता है. शरीर में कहीं भी सूजन आ जाने पर बेसन के सेवन से शरीर की सूजन में कमी आ जाएगी.
बेसन ऐसे तत्वों से भरपूर है जो शरीर की थकान को दूर करते हैं और आपको ऊर्जा देते हैं. ऐसे लोग जो आसानी से थक जाते हैं और अक्सर कमजोरी महसूस करते हैं उनके लिए बेसन बेस्ट फूड आइटम है. इसमें थियामिन, विटामिन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं जो भोजन को ऊर्जा में परिवर्तित करते हैं जिससे जल्दी थकान महसूस नहीं होती है.
बेसन में फोलेट और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है और इसके नियमित सेवन से शरीर में आयरन की कमी दूर होती है. आयरन की कमी से एनीमिया हो सकता है जिससे थकान, कमजोरी और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बेसन के सेवन से एनीमिया से बचाव होता है.
ये भी पढ़े : त्वचा से जुड़ी ये कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिन पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत होती है
आइये अब जानते हैं चेहरे पर बेसन का इस्तेमाल किस तरह करना चाहिए. आपके स्किन टाइप और कई तरह की स्किन से जुड़ी समस्याओं के लिए आप विभिन्न प्रकार से बेसन के फेस पैक बना कर लगा सकते हैं.
बेसन स्किन से एक्सट्रा ऑयल सोखने के लिए बढ़िया काम करता है और इस के बावजूद भी यह स्किन को रूखा नहीं बनाता. तैलीय त्वचा पर आप दही, रोज वाटर और बेसन का पेस्ट बनाकर लगाएँ जिससे त्वचा की गहराई तक सफाई हो जाती है और साथ ही उसकी कोमलता भी बनी रहती है.
त्वचा की चमक बढ़ाने के लिए टमाटर और नींबू को बेसन में मिलाकर लगाने से नेचुरल ब्लीच की तरह काम करता है . इस पैक तो बनाने के लिए टमाटर का रस, बेसन और नींबू का रस मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट बनाकर चहरे पर लगायें. बीस मिनट बाद यह सूख जायेगा तब इसे ठंडे पानी से हल्के हाथों से धो लीजिए.
मुहांसे हटाने में बेसन चमत्कारिक रूप से लाभकारी है. इसकी एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज़ पिंपल्स को सुखाने तथा त्वचा को नैचुरली ग्लोइंग बनाने में बेहद एफेक्टिव है. इसे बनाने के लिए 2 चम्मच बेसन, 2 चम्मच चन्दन पाउडर, 1 चम्मच दूध और एक चुटकी हल्दी को मिलायें. अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगाकर कुछ देर बाद गर्म पानी से धो लीजिए.
चेहरे की त्वचा से बालों को हटाने के लिए बेसन से बढ़िया नैचुरल ट्रीटमेंट कुछ भी नहीं है. इसके लिए दो चम्मच बेसन में एक चम्मच हल्दी और थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर लगाकर दस मिनट तक बालों की ग्रोथ की विपरीत दिशा में धीरे-धीरे रगड़ें और कुछ ही देर में यह सूखता जाएगा. अंत में ठंडे पानी से चेहरा धोयें और सूखने दें. इससे चेहरे के अनचाहे बाल जल्द ही कम होने शुरू हो जाएंगे.
चेहरे के रूखेपन को कम करने के लिए आप थोड़े से बेसन में शहद और मिलाई मिलाकर इस पेस्ट को 15 मिनट के लिए अपने चेहरे पर लगायें और सूखने पर गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें. इससे चेहरे का रूखापन तुरंत दूर हो जाएगा और त्वचा मुलायम बनेगी.
प्रेग्नेंसी में चहरे पर बेसन लगाना एकदम सेफ है क्योंकि ये एक प्राकृतिक ट्रीटमेंट है.
प्रेग्नेंसी के दौरान पिगमेंशन और झाइयां होना आम है जो ठुड्डी, गाल और नाक के ऊपर उभरने वाले काले निशान हैं. बेसन इनको हल्का करने में बेहद एफेक्टिव है.
प्रेग्नेंसी में चेहरे पर झुर्रियां और त्वचा की डलनेस जैसी स्किन कंडीशंस के लिए भी बेसन बहुत एफेक्टिव है.
प्रेग्नेंसी की समस्याओं में से एक है त्वचा का ड्राई होना. गर्भ में पल रहे शिशु के पोषण के लिए जरूरी तत्वों की पूर्ति मां के शरीर से ही होती है और इस कारण माँ के शरीर में पानी की कमी होने लगती है जिससे स्किन ड्राई हो जाती है. त्वचा की ड्राइनेस से बचने के लिए कैमिकल युक्त क्रीम के बजाय बेसन की उबटन का इस्तेमाल एक बढ़िया विकल्प है.
प्रेग्नेंसी एक नाज़ुक दौर है इसलिए बेसन के फेस पैक या उबटन का इस्तेमाल करते हुए भी पहले एक पैच टेस्ट कर लें और उसके बाद ही इसका रेग्युलर प्रयोग करें.
बेसन एक प्राकृतिक चीज़ है और इसका इस्तेमाल किसी भी मौसम में किया जा सकता है. लेकिन इस के साथ मिलाये जाने वाले इंग्रिडेंट्स का चुनाव आप मौसम के अनुरूप कर कर सकते हैं. जैसे कि एलोवेरा जोकि ठंडी तासीर का होता है उसे बेसन में मिलाकर बनाए जाने वाले पैक को आप अधिक सर्दी और ठंड वाले मौसम में न लगाएँ इसके बदले आप इसमें शहद, नींबू और हल्दी का प्रयोग करें जिनकी प्रकृति सामान्य से गरम होती है. इस तरह थोड़े बहुत फेर बदल के साथ आप बेसन को अपनी त्वचा पर साल के किसी भी महीने में लगा सकते हैं.



This content is for informational purposes only and should not replace professional medical advice. Consult with a physician or other health care professional if you have any concerns or questions about your health. If you rely on the information provided here, you do so solely at your own risk.

Mylo wins Forbes D2C Disruptor award

Mylo wins The Economic Times Promising Brands 2022
Baby Carrier | Baby Soap | Baby Wipes | Stretch Marks Cream | Baby Cream | Baby Shampoo | Baby Massage Oil | Baby Hair Oil | Stretch Marks Oil | Baby Body Wash | Baby Powder | Baby Lotion | Diaper Rash Cream | Newborn Diapers | Teether | Baby Kajal | Baby Diapers Pants | Cloth Diapers | Laundry Detergent | Lactation Granules |